जानें उस मंदिर के बारे में जहां भ्रष्ट लोगों का जाना है वर्जित । - "अश्वमेध भारत"

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रविवार, 1 दिसंबर 2019

जानें उस मंदिर के बारे में जहां भ्रष्ट लोगों का जाना है वर्जित ।


जानें उस मंदिर के बारे में जहां भ्रष्ट लोगों का जाना है वर्जित
                      भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जहां पुरुषों का जाना वर्जित है, वहीं कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जहां स्त्रियां नहीं जा सकती हैं। अब इन दोनों परिस्थितियों से इतर हम आपको यह बताएं कि, भारत में एक ऐसा मंदिर भी है जहां भ्रष्टचारियों का जाना मना है तो क्या यकीन करेंगे ? खैर आप यकीन करें न करें लेकिन यह बात सच है। भारत के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मंदिर है जहां किसी भी भ्रष्ट इंसान का जाना मना है। माना जाता है कि इस मंदिर में भ्रष्ट अधिकारियों को आने की पाबंदी है। इस मंदिर का नाम है भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर।

कहां स्थित है यह मंदिर ?
                      भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित है। यह मंदिर कानपुर विश्वविद्यालय के पीछे एक निजी जमीन पर बना है। आम लोगों के लिये यह मंदिर सदा खुला रहता है लेकिन यहां किसी भी भ्रष्ट आदमी को घुसने नहीं दिया जाता है। इस मंदिर में शनि देव की तीन मूर्तियां हैं जो एक दूसरे की ओर पीठ किये हुए हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर सामाजिक कार्यकर्ता बॉबी शर्मा द्वारा बनाया गया था।

क्या थी भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर बनाने की मंशा
                      आज भारत समेत भ्रष्टाचार एक मुख्य समस्या है। भ्रष्टाचार को दूर करने के लिये और भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं को सबक सिखाने के लिये यह मंदिर बनवाया गया था। इससे समाज में यह संदेश दिया गया कि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार करने वाले लोगों का साथ न दे और उन्हें अपना भगवान न समझे। इसके साथ ही भ्रष्ट अधिकारियों की आत्मा को झकझोरने के लिये और उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिये भी इस मंदिर का निर्माण किया गया था।

20 साल में खत्म हुआ भ्रष्टाचार तो है यह प्रावधान
                      इस मंदिर में शनि देव की मूर्तियों के साथ-साथ भगवान ब्रह्मा और हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित की गई है। लेकिन यहां मंदिर में तेल, प्रसाद और घंटी चढ़ाने की यहां मनाही है। लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर में शनि देव के दर्शन करने से न्याय प्राप्त होता है और भ्रष्ट लोगों को उनके बुरे कर्मों के लिये सजा मिलती है। मंदिर में यह प्रावधान भी है कि यदि अगले 20 सालों में देश में भ्रष्टाचार खत्म होता है तो यहां मंत्रियों और अधिकारियों को भी आने दिया जायेगा।
                      कुल मिलाकर कहा जाए तो इस मंदिर के जरिये समाज को सुधारने का प्रयास किया गया है। अपनी मन्नतें पूरी करने के लिये तो लोग मंदिरों के चक्कर लगाते हैं लेकिन इस मंदिर में लोग देश की व्यवस्था सुधरने की कामना भी करते हैं।  समाज की कुरीतियों को मिटाना और लोकतंत्र को भ्रष्टाचारी नामक राक्षस के चंगुल से मुक्त करना ही इस भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर का मुख्य उद्देश्य कहा जा सकता है।

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