स्वामी नित्यानंदजी को फंसाने के षड्यंत्र का हुआ पर्दाफाश। - "अश्वमेध भारत"

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मंगलवार, 26 नवंबर 2019

स्वामी नित्यानंदजी को फंसाने के षड्यंत्र का हुआ पर्दाफाश।


स्वामी नित्यानंदजी को फंसाने के षड्यंत्र का हुआ पर्दाफाश।
                     हिंदु साधु-संत भारतीय संस्कृति के प्रति हर जागरूक करते हैं, व्यसन-मांस आदि छुड़वाते हैं और व्यभिचार से सदाचार की तरफ ले जाते हैं और अपने धर्म के प्रति निष्ठावान बनाते हैं जिसके कारण धर्मांतरण करने वाली मिशनरियां और विदेशी कंपनियों का प्रोडक्ट कम बिकने पर मीडिया में कुछ फंडिग देकर हिंदू साधु-संतों की बदनामी करवाते हैं और कुछ बिकाउ राजनेता का हथकंडा बनाकर झूठे केस करवाकर जेल भिजवा देते हैं ऐसा एक साधु-संत नहीं बल्कि अनेक साधु-संतो के साथ हुआ है।
                     मीडिया पवित्र हिंदू साधु-संतों के लिए अपमानित करने वाली भाषा बोलती है लेकिन वही कोई अपराधी भी कोई ईसाई पादरी या मौलवी होते है उनकी खबर छुपा देती है या तो उनको आदर की भाषा संबोधित करती है इसके पीछे एक षडयंत्र है कि हिन्दू अपने ही साधु-संतों के खिलाफ अश्रद्धा करने लगे, जब ऐसा होगा तभी राष्ट्रविरोधी ताकतों का मिशन सफल होगा।

                     अभी हाल ही में स्वामी नित्यानंद जी को बदनाम किया जा रहा उनकी संस्था को लेकर उसके पीछे भी एक साजिश है और उस साजिश का पर्दाफाश नित्य नंदिनी नाम की बालिका ने किया है।

                     नित्य नंदिता का फेसबुक पर मां नित्यनंदिता नाम से एक अकाउंट है। उसमें आज सुबह ( 20 नवम्बर) को एक लाइव वीडियो अपलोड किया गया है उसमें उल्लेख किया गया है कि कैसे स्वामी नित्यानंदजी के खिलाफ एक षड्यंत्र चलाया जा रहा है।

                     नित्य नंदिता ने लाइव में कहा कि “मेरे पिता मुझसे कहते हैं कि उनके कई राजनीतिक संपर्क हैं।” अमित शाह के बेटे का भी संपर्क है। तो चिंता मत करो।  वे मुझसे कहते हैं कि पोक्सो एक्ट के अनुसार स्वामी नित्यानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज करें।  मैंने यह सब नहीं सुनते हुए फोन काट दिया।

                     नंदिता ने बताया कि  पिता जनार्दन शर्मा ने मेरे को 1 नवम्बर को फोन करके बार बार स्वामी नित्यानंद जी के खिलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत केस करने को बोल रहे थे, फिर अचानक आश्रम में पुलिस का आने जाने का सिलसिला चालु हो गया मुझे पता चल गया कि स्वामी नित्यानंद जी के खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है इसलिए मैं ट्रेवेल्लिंग में निकल गई। मेरे पिताजी सतत आश्रम को धमकी दे रहे हैं, वो कुछ भी कर सकते है यह एक हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश है।

                     आपने देखा कि कैसे एक साधु-संत पर झूठे आरोप लगाने के लिए षड्यंत्र रचा जाता है ऐसे तो अनेकों उदाहरण हैं पर ये ताजा उदाहरण आपके सामने पेश किया।

                     हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए जो भी आगे आता है या तो उनको मीडिया द्वारा बदनाम करवाकर जेल भिजवाया जाता है या तो हत्या कर दी जाती है ऐसा सिलसिला सदियों से चल रहा है और हमारे भोले-भाले हिंदुस्तानी बिकाऊ मीडिया की बातों में आकर अपने ही हिन्दू साधु-संतों को गालियां देने लगते है।

                     आप इन षड्यंत्रों से सावधान रहें और ऐसे षड्यंत्र जो हो रहे हैं, उनका कानूनी तौर पर विरोध करें।

                     अगर हमने एक होकर आज इस षड्यंत्र का विरोध नहीं किया तो आगे जाकर हमारी संस्कृति नहीं बचेगी और संस्कृति नहीं बचेगी तो विदेशी ताकतें हमे गुलाम बनाने के लिए आज भी आतुर है अतः सावधान रहें।

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