तिरुपति पर क्यों चढ़ाए जाते हैं बाल? - "अश्वमेध भारत"

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शनिवार, 23 नवंबर 2019

तिरुपति पर क्यों चढ़ाए जाते हैं बाल?


तिरुपति पर क्यों चढ़ाए जाते हैं बाल?
                         दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित तिरुपति बालाजी का मंदिर देश और दुनिया के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की मान्यता बहुत है। भारत के अमीर मंदिरों में इसे गिना जाता है। एक अनुमान के मुताबिक यहाँ रोज़ाना तकरीबन 60 हज़ार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहाँ केवल प्रसाद के लड्डुओं को बेचकर सालाना 75 करोड़ की आमदनी होती है। जबकि 700 करोड़ों की नगदी और सोने चाँदी, रत्न चढ़ावे के रूप में आते हैं।

                         हालाँकि दिलचस्प तो आपको यह लगेगा कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान विष्णु जी को अपने केश चढ़ाते हैं। अब जाहिर है आपके मन में यह जिज्ञासा ज़रुर उठ रही होगी। आख़िर इस अनोखे चढ़ावे के पीछे कौनसी वजह होगी। मंदिर में महिलाएँ और पुरुष दोनों ही अपने बालों को कटवाकर यहाँ चढ़ाते हैं। शायद दुनिया का यह एक इकलौता मंदिर होगा जहाँ पर श्रद्धालु आस्था के कारण अपने बाल दान करते हैं। सवाल ये है कि आख़िर क्यों यहाँ श्रद्धालु अपने बाल कटवाते हैं? हालाँकि इससे पहले हम मंदिर के बारे में कुछ और प्रमुख बाते जान लेते हैं।

तिरुपति बालाजी मंदिर भगवान विष्णु जी को है समर्पित
                         तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर भगवान विष्णु जी को समर्पित है। इस मंदिर में सृष्टि के पालन हार भगवान वेंकटेश्वर के रूप में विराजमान है। इसी मंदिर के समीप पद्मावती समोवार का मंदिर है जो भगवान विष्णु जी की पत्नी लक्ष्मी जी का है। मान्यता के अनुसार तिरुपति बालाजी के मंदिर के दर्शन तभी पूर्ण होते हैं जब तक श्रद्धालु दोनों मंदिरों के दर्शन न कर ले। दोनों मंदिरों के दर्शन के बाद ही भक्तों को उनकी यात्रा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उनके सारे दुख दर्द दूर हो जाते हैं।

इसलिए तिरुपति बालाजी मंदिर पर चढ़ाए जाते हैं बाल
                         हिन्दू धर्म के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध मंदिरों की अपनी ख़ास विशेषताएं होती हैं और अपनी इन्हीं विशेषताओं के कारण वह प्रसिद्धि पाता है। ऐसे तिरुपति बालाजी मंदिर में केश चढ़ाने की प्रथा अनोखी है। यहाँ आने वाले दर्शनार्थी फिर चाहें वह पुरुष हो या फिर महिला अपने बाल चढ़ाते हैं। मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि यहाँ तिरुपति में बाल चढ़ाने से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। उनके मन में भरा लोभ, लालच और अहंकार ख़त्म हो जाता है। आस्था के अनुसार तिरुपति में बाल चढ़ाने से माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और वैभव का आगमन होता है। यही वजह है कि यहाँ पर भक्त अपने बाल चढ़ाते हैं।

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