याददाश्त बढाने के 11 आसान उपाय।

याददाश्त बढाने के 11 आसान उपाय।


             आज बाजार में याददाश्त बढ़ाने के लिए गोलियों से लेकर च्यवनप्राश तथा विशेष प्रकार के दंतमंजनों तक अनेक टॉनिकआदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इनके बारे में यह दावा किया जाता है कि इन टॉनिकों के सेवन से हमारी स्मरण. शक्ति बढ़ सकती है। परंत यदि स्मरण. शक्ति बढ़ाना इतना ही आसान होता तो हम सबके सब ‘जीनियस’ हो जाते। स्मरण. शक्ति के बारे में प्लेटो ने यहाँ तक कहा है. ‘समूचा ज्ञान और कुछ नहींमात्र स्मरण. शक्ति है।’

                         हम सभी की जिन्दगी में प्रायः कुछ. न. कुछ भूल जाने के क्षण आते रहते हैं। आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि बातचीत एक आपकी जुबान पर कोई नाम तो घूम रहा हैलेकिन आप नाम बता नहीं पातेया आप ठीक शब्द नहीं बोल पाते अथवा कहीं पर चाबियाँ रखकर भूल जाते हैं।

                        परंतु कुदरत अपने ढंग से सोचती. समझती है। जीव. विज्ञानियों के अनुसार मनुष्य की इस अधूरी स्मरण. शक्ति के पीछे भी एक मकसद होता है। कट्टरवादियों के विचार में यदि ज्ञान की अमिट छाप चाहते हैं तो यह जरूरी है कि हमारी स्मरण. शक्ति भी अधूरी हो। यदि चेतन स्तर पर हम हर बात याद रखतेतो हम ‘क्रेजी’ हो जाते। छोटी. छोटी घटनाओं की स्मृति से सब गड्डमड्ड हो जाता। इसलिए समझदारी इसी में है कि हम जरूरी बातों को ही याद रखें। इस बारे में नीचे कुछ नुस्खे दिए जा रहे हैं ।

याददाश्त बढाने के तरीके :
1. चुस्त. दुरुस्त रहें :
                        स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। यदि आपकी आयु चालीस वर्ष से अधिक है और हफ्ते में चार या पाँच बार ‘एरोबिक व्यायाम करते हैं तो निश्चय ही स्मरण. शक्ति की परीक्षा में आप अपनी आयु के उस व्यक्ति को भी मात दे सकते हैंजो शारीरिक व्यायाम नहीं करता। यदि आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते तो आप अभी से आलस्य छोड़ दें। दिमाग के लिए अद्भुत टॉनिक व्यायाम ही है। इससे मस्तिष्क की ओर रक्त के प्रवाह में सुधार आता है। हमारी सोचने. समझने की शक्ति तथा याददाश्त अपने आप बढ़ने लगती है।

2. दिमागी खेल खेलें :
                        शब्द. पहेली (क्रॉसवर्ड) सुलझानागुत्थियाँ सुलझाना तथा स्क्रेबल और शतरंज जैसे खेल खेलने से आपकी स्मरणशक्ति तेज होती है। इन खेलों से धीरे. धीरे तथा सूक्ष्म स्तर पर लाभ मिलता है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आपको कौन सा खेल पसंद है ! आप छोटी. छोटी बातों पर पूरा ध्यान दें। हर नई जानकारी को आत्मसात् करें। कुछ लोग इस दिशा में सिद्धहस्त हैं। उदाहरणतः आपके पास न जाने कितनी बार पचास रुपए का नोट आया होगालेकिन क्या आप जानते हैं कि इस नोट के पीछे कौन. सा चित्र बना हैजब तक आप संसद भवन के इस चित्र पर ध्यान नहीं देते तब तक आप अच्छे ‘प्रेक्षक’ (Observer) नहीं हो सकते। इसलिए जरूरी है कि मानस. पटल पर खास. खास चीजों की तसवीर बना लें।

3. स्मरण. शक्ति वर्धक तरीके अपनाएँ
                        तथ्यों और जटिल तथा बहुत ज्यादा जानकारी को लय. तुकबंदी में याद करें। इससे आपको बहुत ज्यादा मदद मिलेगी। मेडिकल स्कूल में बरसों पहले इस तरह से याद की गई जानकारी अभी भी मेरे मस्तिष्क में तरोताजा है। मेरे एक चतुर दोस्त ने मुझे यह रोचक तरीका सिखाया था। आप भी कोशिश करके देखें। इसका जादू. सा असर होता है।

4. सूची बनाएँ :
                        याद रखनेवाली तमाम बातें कागज के किसी टुकड़े पर संक्षेप में लिख लें। इससे आपकी ‘मेमोरी में यह जानकारी चली जाएगी। इसके साथ ही आपका दिमाग अन्य बातें याद रखने के लिए मुक्त हो जाएगा। आपकी याददाश्त का भंडार सीमित होता है। सूची बना लेने से इस पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।

5. अलग. अलग घटनाओं को जोड़कर याद रखें :
                        जो कुछ घटित होता हैवह अन्य घटनाओं से अलग. थलग नहीं होता। इन घटनाओं पर ध्यान दें। बड़े सहज ढंग से किसी घटना. विशेष के ब्योरे दिमाग में कौंधने लगेंगे। उदाहरण के रूप में. मुझे अपनी बेटी की सर्जरी की तारीख याद नहीं आ रही थी। मैंने लाख कोशिश कीपरंतु कुछ भी याद नहीं आया था। उसी समय मेरी पत्नी ने तत्काल कहा कि जब श्रीमती गांधी की हत्या हुई थीउससे ठीक दो सप्ताह पहले बिटिया की सर्जरी हुई थी। इस तरह मुझे उत्तर मिल गया अक्टूबर 1984। यदि दिमाग साथ न भी देतब भी ऐसे तथ्य किसी भी सामान्य ज्ञान की पुस्तक में ढूँढ़े जा सकते हैं। इस प्रकार घटनाओं को परस्पर जोड़ने से अनेक बार हमारा मस्तिष्क सही दिशा में सोचने लगता है। इससे अतीत से जुड़ी घटनाएँ याद करने में मदद मिलती है।

6. अपने आसपास के बारे में सोचें :
                        यदि हम चाहते हैं कि हमारा ‘स्मृति’ तंत्र सही ढंग से कार्य करता रहे तो अपने चारों ओर घटित हो रही घटनाओं पर पूरा ध्यान दें। इससे इस बात की गुंजाइश रहती है। कि यादों की गुम कड़ी तुरंत कौंध जाए। जितना अधिक घटनाओं को जोड़ते जाएँगेआपको सही उत्तर मिलता जाएगा। हम अपनी मंजिल के निकट आते जाएँगे।

7. ध्यान :
                        ध्यान लगाने से मन एकाग्र होता है और इससे हमें शांति मिलती है। मस्तिष्क बाधाओं से मुक्त होता है। परिणामस्वरूप इससे मन को आराम मिलेगा। हम चेतना के तनावमुक्त स्तर पर पहुँच जाएँगे। आगे बढ़े और प्रयोग कर देखें। ध्यान लगाना मुश्किल जरूर हैपर किसी सुयोग्य गुरु की मदद लेने से इसमें कामयाबी जरूर हासिल की जा सकती है।

8. पढ़ेखूब पढ़े और लगातार पढ़े :
                        यदि आप अभिव्यक्ति के लिए शब्द ढूँढ़ रहे हैं और शब्द साथ नहीं दे रहे हैंऔर ऐसा बहुधा होता हैतो आपको अधिक. से. अधिक पढ़ने की जरूरत है। आप जितना पढ़ सकते हैंपढ़े। उत्तम साहित्य पढ़ेआनन्द लेंउसमें डूब जाएँ। जल्दी ही आपके अंतस से शब्दों का प्रवाह फटने लगेगा। इस यक्ति को मैंने भी परखा है। मुझे सफलता भी मिली है। आप भी आजमाएँ।

9.  शांत रहें :
                        दबावचिन्ता तथा घबराहट का आपकी याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है। अनेक मेधावी छात्र इन्हीं कारणों से परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाते। शांत रहें और सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते जाएँ। यदि आप चिंतित रहते हैं तो योग करेंजब. जब खुद को तनाव से घिरा पाएँ तो दो. चार बार लंबी गहरी साँस लेंसुबह. शाम सैर के लिए जाएँ और थक जाएँ तो आराम करें।

10. अलकोहल से दूर रहें :
                        अधिक शराब पीना और दूसरे पदार्थों का सेवन करना अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मारने के समान है। इससे शरीर के साथ. साथ मन. मस्तिष्क पर भी बुरा असर पड़ता है। विस्मरण की अवस्था में ही कई बार व्यक्ति झूठ के कठघरे में खड़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति आने से बचें और शराब की लत से खुद को बचाए रखें।

11. संतुलित आहार लें :
                        अनुसंधान से पता चलता है कि विटामिनों से भरपूर संतुलित आहार लेने से याददाश्तशब्द. प्रवाह आदि में सुधार आता है। ‘बी. कॉम्प्लेक्स’ के विटामिनविशेषतः नियासिन तथा बीटा. केरोटिन (विटामिन ‘ए’ का पूर्ववर्ती रूप) खासतौर पर उपयोगी हैं।


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