..... मुझे आपकी सेवा करने में किसी कष्ट का अनुभव नहीं होता - भक्त तो मेरे मुकुटमणि, मैं भक्तन का दास।

अगस्त 27, 2015
एक संत थे जिनका नाम था जगन्नाथदास महाराज। वे भगवान को प्रीतिपूर्वक भजते थे। वे जब वृद्ध हुए तो थोड़े बीमार पड़ने लगे। उनके घर की ऊपरी मंजिल...Read More

भगवान पर श्रद्धा बनी रहे उसके लिए क्या करना चाहिए?

अगस्त 26, 2015
भगवान पर श्रद्धा बनी रहे उसके लिए क्या करना चाहिए? अपनी श्रद्धा, स्वास्थ्य और सूझबूझ को अच्छा बनाये रखने एवं विकसित करने के लिए अपना आहार...Read More

सौ इच्छाएँ उठे तो सौ की कर दो साठ... आधी कर दो काट.... दस देंगे... दस छुड़ायेंगे.... दस के जोड़ेंगे हाथ।

अगस्त 23, 2015
एक नगर सेठ ने सपना देखा कि मैं बूढ़ा हो गया हूँ..... दाँत गिर गये है..... मुँह खोखला हो गया है..... चेहरे पर झुर्रियाँ पड़ गई हैं..... बाल ...Read More

संतों की लीला का हम अपनी बुद्धि से कभी भी समीक्षा नहीं कर सकते हैं उनकी प्रत्येक लीला निराली होती है।

अगस्त 22, 2015
एक बार कबीरदास जी को लगनेलगा कि उनके पास साधक कम और सांसारिक इच्छा की पूर्ती करने वाले लोग अधिक आनेलगे हैं .. अतः एक दिन वह सबके सामने एक व...Read More

रामजी की सेना से घबराया अकबर। (संत तुलसीदासजी जयंती : २२ अगस्त)

अगस्त 22, 2015
रामजी की सेना से घबराया अकबर। (संत तुलसीदासजी जयंती : २२ अगस्त)              गोस्वामी संत तुलसीदासजी की भगवद्निष्ठा , अमृतमय वाणी तथा ...Read More

सतगुरु वचन। - ४६

अगस्त 21, 2015
अपने दोषों को खोजो। जो अपने दोष देख सकता है, वह कभी-न-कभी उन दोषों को दूर करने के लिए भी प्रयत्नशील होगा ही। ऐसे मनुष्य की उन्नति निश्चित ह...Read More

समर्थ सद्गुरु जब आज्ञा देते हैं तो उसे पूरा करने का सामर्थ्य भी देते हैं।

अगस्त 19, 2015
‘महाभारत’ में एक प्रसंग आता है कि महातपस्वी देवशर्मा ऋषि कीअत्यंत सुंदर पत्नी रूचि पर इंद्र मोहित था। अत :ऋषिवर अपनी पत्नी की यत्नपूर्वक रक...Read More

सतगुरु वचन। - ४५

अगस्त 14, 2015
आप जैसा सोचते हो वैसे ही बन जाते हो। अपने-आपको पापी कहो तो अवश्य ही पापी बन जाओगे। अपने को मूर्ख कहो तो अवश्य ही मूर्ख बन जाओगे। अपने को नि...Read More

यही तो साधु का मन होता है, जो सारी आपदा को स्वयं झेलकर भी दूसरे को सुख ही प्रदान करना चाहता है - कष्ट सहकर भी सबका मंगल करना महापुरुषों का स्वभाव है।

अगस्त 13, 2015
स्वामी विवेकानंद के गुरू रामकृष्ण परमहंस का देहांत हो चुका था। इसलिए इस महती यात्रा पर जाने से पूर्व उन्होंने गुरू मां शारदा ह्यस्वामी रामक...Read More

शुकदेव जी जब सोलह वर्ष के हुए तो वे घर को छोड़कर जाने लगे ....।

अगस्त 13, 2015
शुकदेव जी जब सोलह वर्ष के हुए तो वे घर को छोड़कर जाने लगे। पिता वेदव्यास जी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो शुकदेव जी कहते हैं- "पित...Read More

छ: दुर्गुणों का निकास, लाए जीवन में सर्वागीण विकास।

अगस्त 12, 2015
छ: दुर्गुणों का निकास, लाए जीवन में सर्वागीण विकास। महात्मा विदुरजी राजा धृतराष्ट्र से कहते हैं : षड दोषा: पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता। ...Read More

हमारे देश की मीडिया को अचानक से ऐसा क्या हो जाता है कि उन्हें हिन्दुओं के मानने वालों में ही दुनिया की सारी बुराइयाँ दिखाई देने लगता है?

अगस्त 11, 2015
हमारे देश की मीडिया को अचानक से ऐसा क्या हो जाता है कि उन्हें हिन्दुओं के मानने वालों में ही दुनिया की सारी बुराइयाँ दिखाई देने लगता है ? आ...Read More
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