सतगुरु वचन। - ३८

मई 23, 2015
आँखों से अंधा होना यह तो भाग्य की बात है, मगर विवेक से अंधा होना यह दुर्भाग्य की बात है। आंख के अंधे को जगत नजर नहीं आता मगर विवेक के अंधे ...Read More

मास के अनुसार सूर्य अर्घ्य के मंत्र क्या हैँ?

मई 23, 2015
मास के अनुसार सूर्य अर्घ्य के मंत्र क्या हैँ? विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में लिखा है कि इन मंत्रो से सूर्य को अर्घ्य देकर प्रणाम करने वाले की...Read More

अनन्य भक्त का योगक्षेम मैं वहन करता हूँ !

मई 22, 2015
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जना पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्।। व्यवहार तो अनेक से होता है लेकिन अनेक में जो छुपा ह...Read More

महाराणा प्रताप की उदारता। (महाराणा प्रताप जयंती : २० मई)

मई 20, 2015
जिसका चरित्र पवित्र है, वही दूसरों में पवित्र भावना का संचार कर सकता है । उसीका जीवन सुरभित सुमन की भाँति संसार-वाटिका को सौरभ से परिपूर्ण ...Read More

आज हमारे भारत का इतना विनाश क्योँ हो रहा है? आज के युवा नकारा, आलसी और मूर्ख क्योँ हैँ?

मई 18, 2015
आज हमारे भारत का इतना विनाश क्योँ हो रहा है ? आज के युवा नकारा , आलसी और मूर्ख क्योँ हैँ ?                             लेख से पहले आप...Read More

वटसावित्री-व्रत (अमावस्यांत पक्ष : १७ मई, पूर्णिमांत पक्ष (वट पूर्णिमा) : २ जून)।

मई 17, 2015
वृक्षों में भी भगवदीय चेतना का वास है, ऐसा दिव्य ज्ञान वृक्षोपासना का आधार है । इस उपासना ने स्वास्थ्य, प्रसन्नता, सुख-समृद्धि, आध्यात्म...Read More

“देख बेटा ! कुछ बनना मत। बनेगा तो बिगड़ेगा।”

मई 17, 2015
गुरू और शिष्य जा रहे थे। गुरू ने कहाः “देख बेटा ! कुछ बनना मत। बनेगा तो बिगड़ेगा।” ऐसे ही साधक कुछ बनने की इच्छा नहीं करता। मूकवत्……जड़वत्…...Read More

हिन्दू बिना आधुनिक विज्ञान का सहारा लिए यह बता सकते हैं कब ओर कैसे पूर्णिमा, अमावस्या, सूर्यग्रहण आदि घटनाये घटित होंगी।

मई 17, 2015
हिन्दू बिना आधुनिक विज्ञान का सहारा लिए यह बता सकते हैं कब ओर कैसे पूर्णिमा, अमावस्या, सूर्यग्रहण आदि घटनाये घटित होंगी। 31-8-2012 को पूर...Read More

क्यों पूजे जाते हैं दीवाली पर माँ लक्ष्मी- श्री गणेश एकसाथ?

मई 16, 2015
दीवाली भारत का अत्यंत प्राचीन सांस्कृतिक पर्व है। इस दिन हम धन और समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी एवं विवेक और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पू...Read More

सनातन धर्म तथा ब्रह्माण्ड में १०८ (अंक) का वैज्ञानिक महत्व।

मई 16, 2015
सनातन धर्म के किसी भी शुभ कार्य, पूजा, अथवा अध्यात्मिक व्यक्ति के नाम के पूर्व ” श्री श्री १०८ ” लगाया जाता है । लेकिन क्या सच में आप जानत...Read More
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