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धर्मान्धों का नया शस्त्र वशीकरण।

धर्मान्धों का नया शस्त्र वशीकरण।

१. कट्टरपन्थियों द्वारा दिया गया तावीज, सुरमा, फूल आदि का उपयोग न करें !
२. गिरे हुए केश एवं काटे हुए नख किसी के हाथ न लग पाएं, अत: उन्हें जला दें । जिन ब्युटी पार्लर में पुरुष भी हों, ऐसे स्थानों पर जाना टालें !
३. अन्यों द्वारा दिया गया बीडा न खाएं !
४. अपने अंतर्वस्त्र किसी को भी धोने अथवा अन्य किसी कारणवश न दें !

                                 ...कारण कि वशीकरण अथवा करनी (जादू-टोना) करते हुए इन सर्व वस्तुओँ का प्रयोग किया जाता है ! वशीकरण तन्त्र-मन्त्र अथवा करनीका उपयोग करना :कुछ धर्मांध इस्लामी संगठनों ने फतवा जारी कर कहा है, हिन्दू युवतियों से मित्रता कर, उन्हें अपने प्रेमजाल में फांसनेके लिए मुसलमान युवक आवश्यकतानुसार वशीकरण का उपयोग करें ।
                               * टिप्पणी : मन्त्र-तन्त्र, यन्त्र, भस्म और विविध प्रकार की औषधियों की सहायता से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपने वशमें कर अथवा मोहित कर उसपर जैसा चाहे वैसा प्रभाव डाल सकता है । इस तान्त्रिक विद्याको वशीकरण कहते हैं । इसी प्रकार, किसी व्यक्तिके नामसे किया गया चेटक, जारण-मारण, मन्त्र-तन्त्र इत्यादि दुष्ट उद्देश्य से किए प्रयोगों को करनी कहते हैं ।
१. करनी द्वारा लव जिहाद की बलि चढी युवती का घर लौटनेपर भी मुसलमानी रीति-रिवाजों के अनुसार रहना और आध्यात्मिक उपाय करने पर उसका ठीक होना : मुंबई में रहनेवाली धनवान राजस्थानी हिन्दू परिवार की प्रीति ने झोपडपट्टी में रहनेवाले अब्दुल शेख नामक मुसलमान (जो फुटपाथ पर बोझा ढोने का काम कर अपना पेट पालता था) के साथ भागकर विवाह किया । पुलिसकर्मियों ने उसे ढूंढकर सुधारगृह भेज दिया । वह कानून की दृष्टि से १८ वर्ष की संज्ञान होने के कारण उसे अधिक दिन सुधारगृह में रखना असम्भव था । उसके परिजन मेरे पास बडी आशा लेकर आए । सूत्रों से ज्ञात हुआ कि प्रीति को प्रेमजाल में फांसने के लिए अब्दुल को ५०,००० रुपए मिले थे । सुधारगृह से छूटकर अपने परिजनों के पास पहुंचने पर भी प्रीति के मुखपर कोई अपराधीपन का भाव नहीं था । वह स्वयं को अब्दुल की बीवी, आयेशा कहती थी । हमने उससे कहा, अब्दुल यदि हिन्दू बनता है, तो हम ही उससे तुम्हारा विवाह करवा देंगे । प्रीतिने भ्रमणभाष पर अब्दुल से हिन्दू बनने के सन्दर्भ में पूछा, तो उसने क्रोधित होकर तलाक देने की धमकी दी । प्रीति अपमानित होकर भी अपने माता-पिता पर क्रोधित होकर उर्दू में बोली, मुझे अपने शौहर के पास जाना है । वह जिस हाल में मुझे रखेगा, मैं रह लूंगी। शुद्ध हिन्दी बोलने वाली सुशिक्षित प्रीति की वेशभूषा एवं बोलचाल किसी परम्परागत मुस्लिम युवती समान हो गई थी ।

                                  तदुपरान्त एक सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य से पूछने पर ज्ञात हुआ कि उस पर करनी की गई है । हमने प्रीति के घर जाकर दो घण्टे मन्त्रजाप करवाया और प्रीति की नींबू और विभूति से कुदृष्टि (नजर) उतारी । उस रात पहली बार प्रीति शान्ति से सोई और अगले दिन अपने पिता के पैर पकडकर क्षमा मांगी।- श्रीमती अरुणादीदी आचार्य, नारी रक्षामंच विभाग (चेंबूर, मुंबई), विश्व हिन्दू परिषद।
धर्मान्धों का नया शस्त्र वशीकरण। Reviewed by Admin on अक्तूबर 08, 2014 Rating: 5

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