भगवन्नाम की महिमा।

भगवन्नाम की महिमा। भगवान का नाम अग्नि स्वरुप है जिस प्रकार अग्नि में जो कुछ भी डाल दो वह सब कुछ जला देती है चाहे गीली हो या सुखी हो इसी प्रकार भगवान का नाम भी है चाहे जैसे भी लो हँसते हुए रोते हुए उठते बैठते हुए उपहास में चाहे जैसे भी लो प्रभु का नाम,कभी खाली नहीं जाता। रामायण में जब समुद्र पर सेतु बना ने में लगे थे तब भगवान राम ने सोचा कि सभी मेरा नाम पत्थर पर लिखकर पानी में डाल रहे है क्यों न में भी डाल कर देखू जो मेरा नाम कर रहा है वह में भी तो कर सकता हूँ इस प्रकार सोचकर भगवान चुपचाप थोड़ी दूर जाकर भगवान ने एक पत्थर उठाया और चुपके से पानी में डाला पत्थर डूब गया। हनुमान जी पीछे खड़े सब देख रहे थे भगवान ने जो देखा तो हनुमान जी से बोले कि तुम ये बात किसी को भी नहीं बताना वरना सब क्या सोचेगे तो हनुमान जी बोले - प्रभु वो शक्ति आप में भी नहीं है जो शक्ति आपके नाम में है वो तो आप में भी नहीं है आपने तो लाखो को तारा है पर प्रभु आपके नाम ने न जाने कितनो को तारा है और सदा तारेगा भगवान ने कहा हाँ हनुमान तुम ठीक कह रहे हो मेने अपनी सारी शक्ति अपने नाम में भर दी है।

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