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महामाया माता के मंदिर में २६ वर्ष से जल रही है अखंड ज्योति।




              महामाया माता के मंदिर में २६ वर्ष से जल रही है अखंड ज्योति। जम्मू -मंदिरों के शहर जम्मू की ऊंची पहाड़ी पर स्थित महामाया माता के मंदिर में पिछले २६ वर्ष से अखंड ज्योति जल रही है। यहाँ वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है। नवरात्र में तो पूरी पहाड़ी माँ के जयकारों से गूँजती है। नवरात्र में दुर्गा सप्तसती का पाठ व हवन यज्ञ होता है। जम्मूवासियों में इस मंदिर को लेकर काफी आस्था है। यहाँ माता महाकाली की मूर्ति प्रतिष्ठापित की है। माता महामाया दरबार के भीतरी भाग को रंगदार शीशों व अन्य देवी-देवताओं के चित्रों से सजाया गया है। माता की पवित्र अखंड ज्योति दिन-रात जलती रहती है। यह ज्योति माता के एक भक्त ने वर्ष १९८८ में स्थापित की थी। ऐसा विश्वास है कि सैकड़ों वर्ष पहले यहाँ धारा नगरी समृद्ध राज्य था। उस जमाने में भी महामाया का मंदिर इसी स्थान पर स्थित बताया जाता है। विभिन्न कारणों से धारा नगरी के विध्वंस होने के बाद यह मूर्ति सैकड़ों वर्षोँ तक तवी नदी किनारे के जंगलों में पड़ी रही। जब गुलाब सिंह जम्मू-कश्मीर के महाराजा बने तो उन्होंने जम्मू के आसपास कई मंदिरों, किलों तथा भवनों का निर्माण करवाया। कहा जाता है कि देवी महामाया ने महाराजा को स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि मेरी मूर्ति तवी नदी के किनारे कई सौ वर्ष से पड़ी हुई है। उसे वहाँ से उठाकर मंदिर में स्थापित करो। सुबह होते ही महाराज अपने दरबारियों और सिपाहियों के साथ मूर्ति की तलाश में निकल पड़े। तवी नदी के किनारे जंगल का चप्पा-चप्पा छान मारा परंतु मूर्ति न मिली। सभी थक हार कर महलों को लौट आए। महाराजा परेशान थे कि क्या किया जाए। कुछ दिन बीतने पर देवी महामाया ने फिर स्वप्न में उन्हें दर्शन दिए और मूर्ति की तलाश करने को कहा। माता ने उनको निश्चित स्थान बता दिया। माता के आदेशानुसार महाराजा ने मूर्ति की तलाश करके उसे मंदिर में प्रतिष्ठापित करवाया।
महामाया माता के मंदिर में २६ वर्ष से जल रही है अखंड ज्योति। Reviewed by Admin on अक्तूबर 08, 2014 Rating: 5

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