लेकिन एक बार सोचियेगा की हमारे पूर्वज आज से हज़ारों साल पहले ये सब कैसे जानते थे?

मित्रों! शायद आपको ये जानकारी साधारण लगेगी लेकिन एक बार सोचियेगा की हमारे पूर्वज आज से हज़ारों साल पहले ये सब कैसे जानते थे?

🌳 हिन्दू धर्म में क्यों पूजा जाता है पीपल का बृक्ष?


👉मित्रों ! आपने हिन्दू धर्म स्थानों पर पीपल के बृक्ष और उसके पास रखी हुई मूर्तियों को देखा होगा।हिन्दू धर्म में पीपल के बृक्ष को काटना तो दूर उनकी पत्तियों को तोड़ना भी वेदों ने वर्जित किया है। आज से कुछ दशक पहले तक बुद्धिजीवी लोग इसे हिंदुओं का अन्धविश्वाश मानते थे लेकिन अस्सी के दशक में ये साइन्टिफिकली सिद्ध हुआ की पीपल एकमात्र ऐसा बृक्ष है जो दिन रात ऑक्सीजन देता है जबकि बाकी बृक्ष दिन में ऑक्सीजन देते हैं और रात को कॉर्बन डाई ऑक्सइड छोड़ते हैं।आपने देखा होगा की गांवों से दूर जो भी पीपल के बृक्ष होते हैं और वहां पर कोई मंदिर नहीं होता तो वहां पर बताया जाता है की उस पीपल के बृक्ष में प्रेत का वास है। शायद इसके पीछे हमारे पूर्वजों ने ये सोचा होगा की इसके भय से लोग ऐसे पीपल को भी नुकसान नहीं पहुचाएंगे जो दूर हैं और वहां पर मंदिर नहीं बन सकते।

📚 संस्कृत क्यों है सबसे वैज्ञानिक भाषा?
👉 मित्रों! हमारे सभी धर्मग्रन्थ संस्कृत में लिखे हुए हैं और इसे देववाणी भी कहा जाता है। अभी हाल ही में नासा ने घोसणा की थी दुनिया का सबसे उन्नत सुपर कंप्यूटर संस्कृत में होगा। नासा आज भी सात सौ से अधिक ताड़पत्रों पर लिखे संस्कृत के मन्त्रों पर रिसर्च कर रही है ।आपको जानकार आश्चर्य होगा की इस काम के लिए नासा ने सौ से अधिक वैज्ञानिकों की एक बड़ी टीम लगा रखी है। यहाँ तक की अन्तरिक्ष में जीवन की तलाश के लिए नासा ने जो ढाई लाख से ज्यादा रेडियो सन्देश भेजे हैं उसमे सबसे ज्यादा लगभग 50000 सन्देश संस्कृत भाषा में ही हैं।

🐂हिन्दू धर्म में गाय को क्यों माना जाता माता।
👉 निर्विवादित रूप से गाय को हिन्दू धर्म में विशिष्ठ स्थान प्राप्त है। गाय के दूध,घी और गोबर से लेकर मूत्र तक में औषधीय गुण होते हैं। आपको जानकार हैरानी होगी की हिन्दुस्तान में सेक्युलरिज्म के नाम पर हम गाय को खाया जाय या न खाया जाय पर बहस करते रहे और गोमूत्र का औषधीय पेटेंट अमेरिका ने करा लिया। गाय के गोबर में रेडियोएक्टिवत को कम करने का सामर्थ्य होता है। ऐसा मैं नहीं बल्कि नासा ने अपने रिसर्च में बताया है।भोपाल गैस त्रासदी के समय भी एक परवार सुरक्षित बच गया था जो दुर्घटना स्थल से बेहद करीब था।बाद में पता चला की ये परिवार एक दिन पहले अपने घर को गाय के गोपर से लीपा था। गो दुग्ध और घी अमृत के तुल्य हैं। गाय एक मात्र पशु है जो सांस लेते समय पांच पर्सेंट ऑक्सीज़न अपने पास रखती है और 95 पर्सेंट प्रकृति को लौटा देती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ