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कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।

कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा। कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा। सदा प्रेम के गीत गाता चला जा।। तेरे मार्ग में वीर!काँटें बड़े हैं। लिये तीर हाथों में वैरी खड़े हैं। बहादुर सबको मिटाता चला जा। कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।। तू है आर्यवंशी ऋषिकुल का बालक। प्रतापी यशस्वी सदा दीनपालक। तू संदेश सुख का सुनाता चला जा। कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।। भले आज तूफान उठकर के आयें। बला पर चली आ रही हों बलायें। युवा वीर हैं दनदनाता चला जा। कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।। जो बिछुड़े हुए हैं उन्हें तू मिलाजा। जो सोये पड़े हैं उन्हें तू जगा जा।। तू आनंद डंका बजाता चला जा। कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।।
कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा। Reviewed by Admin on सितंबर 22, 2014 Rating: 5

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